प्रेरणादायक नेतृत्व की मिसाल: डॉ. अंशिका जॉर्ज ने शिक्षा को दिया नया आयाम किसानों की मेहनत बेकार ! आलू के गिरते दाम पर भाजपा नेता की सरकार से MSP की मांग फर्रुखाबाद में 40 साल बाद सीवर सफाई शुरू, 82 लाख खर्च—नाले में सीवेज फेंकने पर उठे सवाल संपूर्ण समाधान दिवस में तेजपुर से एजीपी-बीजेपी उम्मीदवार पृथ्वीराज राभा ने किया नामांकन, हजारों समर्थकों के साथ निकाली भव्य रैली-एसपी ने सुनीं जन समस्याएं, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश तेजपुर विधानसभा क्षेत्र से एजीपी-बीजेपी गठबंधन के उम्मीदवार पृथ्वीराज राभा ने हजारों समर्थकों के साथ आज नामांकन पत्र दाखिल किया प्रशांत वैश्य (असम) 23 मार्च आगामी असम विधानसभा आम चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल और उनके उम्मीदवार पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। इसी क्रम में तेजपुर विधानसभा क्षेत्र से एजीपी-बीजेपी गठबंधन के उम्मीदवार पृथ्वीराज राभा ने आज शोणितपुर जिला आयुक्त कार्यालय में पहुंचकर औपचारिक रूप से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।जिला आयुक्त कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में आज उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि पृथ्वीराज राभा हजारों समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक भव्य रैली निकालकर जिला आयुक्त कार्यालय पहुंचे।ढोल-नगाड़ों, पार्टी के झंडों और नारों से माहौल गूंज उठा और समर्थकों ने अपने उम्मीदवार के प्रति जोरदार समर्थन जताया। रास्ते के दोनों ओर भी बड़ी संख्या में लोग इस रैली को देखने के लिए एकत्रित हुए।जिला आयुक्त कार्यालय पहुंचकर उन्होंने निर्धारित नियमों के तहत अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राज्य उपाध्यक्ष अशोक कुमार भट्टाचार्य, बीजेपी की शोणितपुर जिला समिति की अध्यक्ष मधुस्मिता डेका हजारिका, असम गण परिषद के शोणितपुर जिला अध्यक्ष रातुल कुमार नाथ सहित दोनों दलों के कई वरिष्ठ नेता और हजारों स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे।नामांकन दाखिल करने के बाद पृथ्वीराज राभा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह आम जनता के विकास और पूरे क्षेत्र के समग्र प्रगति के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस नामांकन को लेकर तेजपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी और उत्साह बढ़ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनाव में इस क्षेत्र में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। प्रशांत वैश्य
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प्रधानमंत्री मोदी ने मनाया 75वां जन्मदिन, बड़े स्तर पर हुआ जश्न; आलोचना भी बनी मुद्दा

By Ten News One Desk

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प्रधानमंत्री मोदी ने मनाया 75वां जन्मदिन, बड़े स्तर पर हुआ जश्न; आलोचना भी बनी मुद्दा



टेन न्यूज़ !! २१ सितम्बर २०२५ !! डेस्क न्यूज़@नई दिल्ली


देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर को अपने 75वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस अवसर पर भाजपा और समर्थकों ने देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें उद्योगपति, फिल्म, खेल और मीडिया जगत के नामी हस्तियों ने भी भाग लिया। सोशल मीडिया पर #MyModiStory हैशटैग के तहत बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर कई निजी स्कूलों में बच्चों को विशेष कार्य दिए गए, जैसे बधाई संदेश और ग्रीटिंग कार्ड बनाना। इसके साथ ही भाजपा की आईटी सेल ने समर्थकों को जन्मदिन की बधाई संदेश साझा करने के लिए प्रेरित किया।

हालांकि, इस जश्न को लेकर आलोचनाएं भी सामने आईं। देश में बाढ़, बारिश, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं के बीच जन्मदिन का भव्य आयोजन विवादास्पद माना गया। साथ ही, मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामले भी चर्चा में रहे। सरकार ने अडानी समूह से जुड़े 138 यूट्यूब वीडियो और 83 इंस्टाग्राम पोस्ट हटाने का आदेश जारी किया, जिसे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय संस्कृति के अनुसार 75 वर्ष की आयु में व्यक्ति वानप्रस्थ या संन्यास आश्रम की ओर बढ़ता है, लेकिन मोदी के जन्मदिन के आयोजन से यह प्रतीत नहीं होता। समर्थक इसे उनके गृहस्थ जीवन में वानप्रस्थ और संन्यास दोनों का अनुभव बताया।

भाजपा की ओर से जन्मदिन के अवसर पर आयोजित गतिविधियों को राजनीतिक संदेश और प्रचार का माध्यम भी माना जा रहा है। वहीं आलोचक इसे देश की मौजूदा समस्याओं और शासन के आलोचनात्मक दृष्टिकोण को छिपाने का प्रयास मान रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का 75वां जन्मदिन, जश्न और आलोचना दोनों का मिश्रण साबित हुआ, जिसने देशभर में चर्चा का विषय बना दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने मनाया 75वां जन्मदिन, बड़े स्तर पर हुआ जश्न; आलोचना भी बनी मुद्दा

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टेन न्यूज़ !! २१ सितम्बर २०२५ !! डेस्क न्यूज़@नई दिल्ली


देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर को अपने 75वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस अवसर पर भाजपा और समर्थकों ने देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें उद्योगपति, फिल्म, खेल और मीडिया जगत के नामी हस्तियों ने भी भाग लिया। सोशल मीडिया पर #MyModiStory हैशटैग के तहत बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर कई निजी स्कूलों में बच्चों को विशेष कार्य दिए गए, जैसे बधाई संदेश और ग्रीटिंग कार्ड बनाना। इसके साथ ही भाजपा की आईटी सेल ने समर्थकों को जन्मदिन की बधाई संदेश साझा करने के लिए प्रेरित किया।

हालांकि, इस जश्न को लेकर आलोचनाएं भी सामने आईं। देश में बाढ़, बारिश, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं के बीच जन्मदिन का भव्य आयोजन विवादास्पद माना गया। साथ ही, मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामले भी चर्चा में रहे। सरकार ने अडानी समूह से जुड़े 138 यूट्यूब वीडियो और 83 इंस्टाग्राम पोस्ट हटाने का आदेश जारी किया, जिसे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय संस्कृति के अनुसार 75 वर्ष की आयु में व्यक्ति वानप्रस्थ या संन्यास आश्रम की ओर बढ़ता है, लेकिन मोदी के जन्मदिन के आयोजन से यह प्रतीत नहीं होता। समर्थक इसे उनके गृहस्थ जीवन में वानप्रस्थ और संन्यास दोनों का अनुभव बताया।

भाजपा की ओर से जन्मदिन के अवसर पर आयोजित गतिविधियों को राजनीतिक संदेश और प्रचार का माध्यम भी माना जा रहा है। वहीं आलोचक इसे देश की मौजूदा समस्याओं और शासन के आलोचनात्मक दृष्टिकोण को छिपाने का प्रयास मान रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का 75वां जन्मदिन, जश्न और आलोचना दोनों का मिश्रण साबित हुआ, जिसने देशभर में चर्चा का विषय बना दिया।

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