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असम: शोणितपुर के गड़पारा में पूर्व उग्रवादियों की प्रेस वार्ता, शांति समझौते के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल

By Ten News One Desk

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असम: शोणितपुर के गड़पारा में पूर्व उग्रवादियों की प्रेस वार्ता, शांति समझौते के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल


टेन न्यूज़ !! २८ फरवरी २०२६ !! रिपोर्ट: प्रशांत वैश्य,ब्यूरो, लोकेशन: शोणितपुर, असम
असम के शोणितपुर जिला के अंतर्गत गड़पारा में आज पूर्व बिरछा कमांडो और पूर्व अलना सदस्यों द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में पूर्व सदस्यों ने आदिवासी शांति समझौते के क्रियान्वयन को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

उल्लेखनीय है कि असम में निवास करने वाले आदिवासी समुदाय के अधिकारों की मांग को लेकर ‘बिरछा कमांडो’ और ‘अलना’ नामक उग्रवादी संगठनों का गठन हुआ था। बाद में 15 सितंबर 2022 को भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र एवं राज्य सरकार की पहल पर आदिवासी शांति समझौता लागू किया गया था।

इस समझौते पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते के तहत उग्रवादी संगठनों के सदस्यों ने सरकार के समक्ष हथियार समर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया था।

पूर्व सदस्यों के आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सदस्यों ने आरोप लगाया कि:

  • आदिवासी शांति समझौते में शामिल कई महत्वपूर्ण धाराओं को अब तक लागू नहीं किया गया है।

  • पुनर्वास, रोजगार और आर्थिक सहायता संबंधी वादों पर ठोस प्रगति नहीं हुई है।

  • सरकार द्वारा पूर्व उग्रवादियों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने से वे आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं।

पूर्व सदस्यों ने सरकार से मांग की कि समझौते की शर्तों को शीघ्र प्रभाव से लागू किया जाए तथा पुनर्वास पैकेज को पारदर्शी तरीके से लागू कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जाए।

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने शांति और विकास की उम्मीद में हथियार छोड़े थे, लेकिन यदि समझौते की शर्तें पूरी नहीं होती हैं तो इससे असंतोष बढ़ सकता है।

फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

असम: शोणितपुर के गड़पारा में पूर्व उग्रवादियों की प्रेस वार्ता, शांति समझौते के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल

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टेन न्यूज़ !! २८ फरवरी २०२६ !! रिपोर्ट: प्रशांत वैश्य,ब्यूरो, लोकेशन: शोणितपुर, असम
असम के शोणितपुर जिला के अंतर्गत गड़पारा में आज पूर्व बिरछा कमांडो और पूर्व अलना सदस्यों द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में पूर्व सदस्यों ने आदिवासी शांति समझौते के क्रियान्वयन को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

उल्लेखनीय है कि असम में निवास करने वाले आदिवासी समुदाय के अधिकारों की मांग को लेकर ‘बिरछा कमांडो’ और ‘अलना’ नामक उग्रवादी संगठनों का गठन हुआ था। बाद में 15 सितंबर 2022 को भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र एवं राज्य सरकार की पहल पर आदिवासी शांति समझौता लागू किया गया था।

इस समझौते पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते के तहत उग्रवादी संगठनों के सदस्यों ने सरकार के समक्ष हथियार समर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया था।

पूर्व सदस्यों के आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सदस्यों ने आरोप लगाया कि:

  • आदिवासी शांति समझौते में शामिल कई महत्वपूर्ण धाराओं को अब तक लागू नहीं किया गया है।

  • पुनर्वास, रोजगार और आर्थिक सहायता संबंधी वादों पर ठोस प्रगति नहीं हुई है।

  • सरकार द्वारा पूर्व उग्रवादियों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने से वे आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं।

पूर्व सदस्यों ने सरकार से मांग की कि समझौते की शर्तों को शीघ्र प्रभाव से लागू किया जाए तथा पुनर्वास पैकेज को पारदर्शी तरीके से लागू कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जाए।

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने शांति और विकास की उम्मीद में हथियार छोड़े थे, लेकिन यदि समझौते की शर्तें पूरी नहीं होती हैं तो इससे असंतोष बढ़ सकता है।

फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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