विवाहिता की दहेज हत्या के दोषी पति व सास-ससुर को आजीवन कारावास
सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आनेपुर का तीन वर्ष पुराना मामला
शादी के मात्र 06 माह में ससुराल में हुई नवविवाहिता की मौत पर फैसला
टेन न्यूज़ ii 02 मई 2026 ii ब्यूरो चीफ रामजी पोरवाल
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आनेपुर में शादी के महज 6 माह बाद ससुराल में हुई नवविवाहिता की मृत्यु पर लिखाये गये दहेज हत्या के मामले का निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश कुमार ने शुक्रवार को सुनाया गया तथा अभियुक्त पति, ससुर व सास को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया गया।तथा प्रत्येक पर 06-06 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया गया। इस मामले की अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी अरविन्दु राजपूत ने बताया कि उक्त मामला तीन वर्ष पूर्व का है।
बादी मुकदमा हरीकिशन पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम अन्तौल थाना अयाना ने रिपोर्ट लिखाई थी जिसमें उसने अपनी पुत्री खुशबू की शादी दिनांक 28 दिसम्बर 2022 को ग्राम आनेपुर निवासी अरुण कुमार के पुत्र राजराय उर्फ नन्दू के साथ हिन्दू रीति रिवाज के साथ कराई थी व अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज भी दिया था। लेकिन शादी के बाद से ही पति राजराय, ससुर अरुण कुमार व सास सुनीता, देवर नागेश उर्फ बउआ व छोटू राय अतिरिक्त दहेज में एक कार खरीदने के लिए रुपये की मांग करने लगे।
इसी बात पर खुशबू को प्रताड़ित करते थे। 10 मई 2023 को वादी की छोटी पुत्री काजल ने मृतक के देवर छोटू राय के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। वादी प्रेम विवाह के लिए तैयार नहीं था इसलिए छोटी पुत्री की शादी में दान दहेज नहीं दिया था।
मृतका के ससुरालीजनो को प्रेम विवाह कराने में बड़ी पुत्री पर शक कर रहे थे और उलाहना देते थे कि मृतका के विवाह में कम दहेज मिला व प्रेम विवाह करने वाली उसकी छोटी बहन की शादी में भी दहेज नहीं मिला। दिनांक 28 जून 2023 की रात्रि करीब 9 बजे वादी को गांव के किसी व्यक्ति ने फोन पर जानकारी दी कि तुम्हारी पुत्री खुशबू की ससुराल में हत्या कर दी गई है।
इस पर वादी आनेपुर पहुंचा तो देखा की पुत्री खुशबू की लाश बरामदे में जमीन पर पड़ी है। मुलजिमान मौके पर नहीं मिले थे। वादी की छोटी पुत्री काजल ने बताया कि अभियुक्त गणों ने दीदी को मारने की योजना बनाकर मुझे गांव में ही चाचा के घर भेज दिया था और पूरे दिन नहीं बुलाया।
शाम को करीब 6 बजे इन सभी ने मारपीट करके दीदी को मार डाला है। वादी की सूचना पर सदर कोतवाली में पति, ससुर, सास व दोनों देवर के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा पंजीकृत हुआ।
पुलिस ने विवेचना में देवरों को दोष मुक्त माना व पति, सास व ससुर तीन के विरोध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश कुमार की अदालत में चला व शुक्रवार को इसका निर्णय सुनाया गया।
अभियोजन की ओर से एडीसीसी अरविंद राजपूत ने दहेज को लेकर शादी के महज 6 माह के अंदर ससुराल में मृत्यु के लिए पति सास व ससुर को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार ने पति राजराय उर्फ नंदू, ससुर अरुण कुमार व सास सुनीता को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। तीनों पर 6-6000 रुपए अर्थ दंड भी लगाया।
अर्थ दंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने दौरान विचारण पूर्व में बताई गई जेल की अवधि इस सजा में समाहित करने का भी आदेश दिया।
अधिवक्ता महावीर शर्मा के अनुसार सजा पाए अभियुक्त पति राज राय उर्फ नंदू, ससुर अरुण कुमार वर्तमान समय में जिला कारागार इटावा में निरुद्ध है और इस मुकदमे में अभी तक जमानत नहीं मिली है। केवल सास सुनीता को ही जमानत दी गई है।
