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सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप, नए पीड़ित आए सामने, पुलिस जांच में जुटी

ByTen News One Desk

Jun 19, 2026
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सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप, नए पीड़ित आए सामने, पुलिस जांच में जुटी


नेताओं और अधिकारियों से संबंध बताकर विश्वास जीतने का आरोप


टेन न्यूज़ !! १९ जून २०२६ !! रुपेश शर्मा ब्यूरो

अलवर (राजस्थान)। सरकारी नौकरी दिलाने और तबादले कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपों के बीच अब नए पीड़ित भी सामने आने लगे हैं। रिटायर्ड पुलिसकर्मी के पुत्र द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद कार सर्विस सेंटर संचालक, उसके परिवार के सदस्यों एवं एक महिला ने भी आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़ितों का आरोप है कि योगेश पारीक और उनकी पत्नी बिंदिया पारीक स्वयं को बड़े अधिकारियों, नेताओं एवं न्यायिक अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताते थे। इसी प्रभाव का हवाला देकर उन्होंने कई लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने तथा सरकारी कर्मचारियों के तबादले कराने का भरोसा दिया और उनसे लाखों रुपये प्राप्त किए।

खुदनपुरी निवासी एवं कार सर्विस सेंटर संचालक राकेश ने बताया कि वर्ष 2024 में योगेश पारीक और बिंदिया पारीक उनकी वर्कशॉप पर आने-जाने लगे थे। उनके रहन-सहन, महंगी गाड़ियों में आने-जाने और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ तस्वीरें दिखाने के कारण उन्हें उनकी बातों पर विश्वास हो गया।

राकेश का आरोप है कि आरोपियों ने हाईकोर्ट में पहचान होने का हवाला देकर उनके बेटे विनीत और भतीजे ऋतिक को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बदले उनसे 9 लाख 41 हजार रुपये लिए गए। इसके अलावा अन्य परिचितों को भी विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली गई।

पीड़ितों का आरोप है कि नौकरी प्रक्रिया आगे बढ़ने का भरोसा दिलाने के लिए उनसे दस्तावेज लिए गए, मेडिकल कराने और नियुक्ति पत्र जारी होने जैसी बातें कही गईं। हालांकि लंबे समय तक कोई नियुक्ति नहीं हुई। जब रुपये वापस मांगे गए तो कथित तौर पर एक चेक दिया गया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया।

राकेश ने बताया कि आरोपियों के घर आने-जाने के दौरान उन्होंने कुछ महिलाओं को भी अपने रुपये वापस मांगते देखा, जिसके बाद उन्हें पूरे मामले पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 60 हजार रुपये लिए गए, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई।

इससे पहले एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी के पुत्र महेश शर्मा ने भी योगेश पारीक और बिंदिया पारीक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। शिकायत में छह युवकों को दिल्ली पुलिस, अध्यापक भर्ती और अन्य सरकारी नौकरियों में चयन कराने के नाम पर करीब 14.50 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ितों का दावा है कि उनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग और लेनदेन से जुड़े कुछ दस्तावेज भी हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया गया है। फिलहाल संबंधित थानों में दर्ज मामलों की पुलिस जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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