विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत “सघन खेत बचाओ अभियान” एवं “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम में 1885 किसानों ने किया प्रतिभाग![]()
टेन न्यूज़ ii 22 जून 2026 ii प्रभाष चन्द्र ब्यूरो, कन्नौज
कन्नौज। उत्तर प्रदेश शासन की मंशानुसार जनपद कन्नौज में विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत “सघन खेत बचाओ अभियान” एवं “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत 10 जून से 24 जून 2026 तक व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खाद, प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन वृद्धि तथा फसल सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना है।
इसी क्रम में विकासखंड उमर्दा के ग्राम कलुआपुर एवं लिलुईया, विकासखंड कन्नौज के ग्राम आंटी एवं मोचीपुर तथा विकासखंड तालग्राम के ग्राम बिरौली एवं तिसौली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्राम कलुआपुर एवं लिलुईया में कार्यक्रम का शुभारंभ ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत द्वारा किया गया।
राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 20 जून 2026 को योजना की 23वीं किस्त जारी कर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। वहीं विकासखंड कन्नौज के ग्राम आंटी में तहसीलदार सदर द्वारा किसानों को संशोधित खतौनियों का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं लगभग 1885 किसानों ने सहभागिता की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण, राजस्व विभाग द्वारा वरासत एवं खतौनी संशोधन तथा उद्यान, पशुपालन और समाज कल्याण विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र, अनौगी के वैज्ञानिकों तथा भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर के विशेषज्ञों ने किसानों को फसल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य और टिकाऊ कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उप कृषि निदेशक संतोष कुमार ने जनपद के समस्त किसानों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों पर आयोजित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर वैज्ञानिक खेती, फसल सुरक्षा और उन्नत कृषि तकनीकों की नवीनतम जानकारी का लाभ उठाएं, जिससे कृषि को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और लाभकारी बनाया जा सके।