मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की भूमि खरीद को लेकर कांग्रेस के सवाल

टेन न्यूज़ !! २६ जून २०२६ !! रिपोर्ट: विकास सियारिया, स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि खरीद मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस ने मीडिया में सामने आए दस्तावेजों और रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री और उनके परिजनों से जुड़े भूमि स्वामित्व तथा रियल एस्टेट कंपनियों में हिस्सेदारी को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस द्वारा उद्धृत भूमि स्वामित्व संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर 245 प्लॉट में लगभग 335 एकड़ भूमि दर्ज होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में नीलेश यादव के नाम 108 एकड़, गोविंद यादव के नाम 47 एकड़, मोहन यादव के नाम 17 एकड़, सीमा यादव के नाम 11 एकड़, वैभव यादव के नाम 17 एकड़, शालिनी यादव के नाम 10 एकड़, नारायण यादव के नाम 19 एकड़, नंदलाल यादव के नाम 17 एकड़, कलावती के नाम 17 एकड़, अभय यादव के नाम 16 एकड़ तथा रेखा यादव के नाम 6 एकड़ भूमि होने का उल्लेख किया गया है।
कांग्रेस का यह भी दावा है कि इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का उल्लेख सामने आया है, जिनमें सीमा यादव और मोहन यादव की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बताई गई है। विपक्ष के अनुसार मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से लगभग 25 एकड़ भूमि जुड़ी हुई है, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों एवं रिश्तेदारों से भी बड़ी मात्रा में भूमि स्वामित्व का संबंध बताया गया है।
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि परिवार से जुड़े कुछ लोगों की तीन अलग-अलग कंपनियों में उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। कांग्रेस का यह भी दावा है कि डॉ. मोहन यादव के मंत्री रहने और बाद में मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सड़क एवं विकास परियोजनाएं उन क्षेत्रों के आसपास से गुज़रीं, जहां परिवार या उनसे जुड़े लोगों की भूमि स्थित है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि परिवार द्वारा खरीदी गई कुछ जमीनें विकास परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार भूमि उपयोग परिवर्तन, परियोजनाओं की स्वीकृति और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करे। साथ ही इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय अथवा न्यायिक जांच कराने की भी मांग की गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सभी भूमि सौदे नियमानुसार हुए हैं, तो सरकार को संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि जनता के बीच उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।
समाचार लिखे जाने तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अथवा मध्य प्रदेश सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। यदि सरकार या मुख्यमंत्री की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसे भी प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
यह समाचार कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों के दावों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है तथा किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पूर्व आधिकारिक जांच अथवा संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण आवश्यक होगा।