स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : जिलाधिकारी

टेन न्यूज़ !! २४ जुलाई २०२६ !! प्रभाष चन्द्र ब्यूरो, कन्नौज
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला आयुष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान सीटी स्कैन सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों की जांच रिपोर्ट मशीन खराब होने का बहाना बनाकर लंबित नहीं रखी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सीटी स्कैन मशीन में तकनीकी खराबी हो, उसे तत्काल ठीक कराया जाए तथा इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि मरीजों को समय पर जांच एवं रिपोर्ट प्राप्त हो सके।
राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सालय निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संचालित हों तथा निरीक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) की समीक्षा में बताया गया कि 1 अप्रैल 2026 से 22 जुलाई 2026 तक 5,131 संस्थागत प्रसवों के सापेक्ष लगभग 80 प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने शेष लंबित भुगतान के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने तथा सभी पात्र लाभार्थियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात प्रभारी अधिकारियों एवं समस्त स्टाफ का अद्यतन विवरण आज रात्रि 9 बजे तक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल प्रभावी प्रबंधन एवं सतत निगरानी की है। बेहतर प्रबंधन के माध्यम से सभी स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाया जाए।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी दवाएं केवल अधिकृत वेयरहाउस से ही प्राप्त की जाएं तथा उनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं ग्राम सभाओं के लिए ब्लॉकवार माइक्रो प्लान तैयार करने तथा प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान का संचालन पूर्ण समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ किया जाए तथा कोई भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी दूसरे पर न छोड़े।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास को निर्देशित किया कि वे स्वयं दवा वेयरहाउस का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं भंडारण व्यवस्था का सत्यापन करें, जिससे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का अभियान प्रभावी एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
बैठक में आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित आयुर्वेद, होम्योपैथिक एवं यूनानी चिकित्सालयों की व्यवस्थाएं उत्कृष्ट स्तर की हों। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सालय में प्रतिदिन होने वाली ओपीडी का विस्तृत विवरण अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही योग एवं वेलनेस सेंटरों के माध्यम से प्रत्येक विकास खंड में नियमित मासिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं तथा ग्राम चौपालों एवं विद्यालयों में भी स्वास्थ्य जागरूकता एवं योग संबंधी शिविर लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिकाधिक नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं आयुष पद्धति का लाभ प्राप्त कर सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेंद्र कुमार श्रीवास, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा सहित स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।