फतेहगढ़ की लोको दरगाह में 28 जुलाई से शुरू होगा चार दिवसीय उर्स-ए-मखदूम![]()
देशभर से पहुंचेंगे जायरीन, कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का बनेगा संगम
टेन न्यूज़ ii 26 जुलाई 2026 ii तौफ़ीक़ फारुकी ब्यूरो
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित लोको दरगाह हज़रत मखदूम शाह सैय्यद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा पर 28 जुलाई से 31 जुलाई तक चार दिवसीय उर्स-ए-मखदूम का आयोजन होगा। इसकी जानकारी रविवार को दरगाह के सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम उर्फ़ मुहम्मद मियां की मौजूदगी में आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई। इस अवसर पर उर्स से संबंधित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि उर्स में महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन शिरकत करेंगे। आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, सिख सहित सभी धर्मों के लोग और मुरीद शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि लोको दरगाह हमेशा से कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक रही है। उर्स के दौरान सभी मेहमानों के लिए लंगर-ए-आम की व्यवस्था की गई है। जायरीन दरगाह पर फूल और चादर पेश कर अकीदत व्यक्त करेंगे तथा मुल्क और समाज की खुशहाली के लिए दुआएं मांगेंगे।
उर्स में कई प्रमुख धार्मिक हस्तियां भी शिरकत करेंगी। इनमें ज़ीनत-ए-सिलसिला चिश्तिया साबिरिया, शैखुल मशाइख हज़रत शाह अली मंज़र ऐजाज़ कुद्दूसी (सज्जादा नशीन, हुज़ूर साबिर-ए-पाक कलियर शरीफ, उत्तराखंड), शेखुल हिंद शाह अम्मार अहमद अहमदी उर्फ़ नय्यर मियां (खानकाह हुज़ूर शेखुल आलम, रुदौली शरीफ), सैय्यद आले मुस्तफा उर्फ़ सोहेल मियां (दरगाह हुज़ूर वारिसे पाक, देवा शरीफ), खतीब मौलाना प्रो. सैय्यद मुक्तिदा हुसैन जाफरी मदारी (मकनपुर शरीफ), मौलाना सैय्यद नुरुल अराफात जाफरी मदारी, मुफ्ती सैय्यद शजर अली मदारी तथा प्रसिद्ध शायर यूसुफ हातिफ अलीगढ़ शामिल हैं। आयोजन में देश के नामचीन कव्वाल भी अपनी प्रस्तुति देंगे।