अग्निकांड में तबाह हुए परिवार को चेयरपर्सन ने दी आर्थिक मदद

विधायक सलोना कुशवाहा, पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने भी दिया सहयोग
सपा के अनवर उल्ला खान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सौरभ गांधी , सभासद पति उपेंद्र सिंह ने भी दी मदद
टेन न्यूज़ ii 28 जुलाई 2026 ii अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर
तीन दिन पूर्व नगर के मोहल्ला वहिदुल्लागंज स्थित एक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से पूरे घर के करीब 20 लाख रुपए का सामान स्वाहा हो जाने से परिवार सदमे में आ गया । सब कुछ तबाह होने के बाद पीड़ित परिवार को सरकारी मदद न मिलने पर लोगों ने आर्थिक सहयोग के लिए बढ़ना शुरू कर दिया है। चेयरपर्सन हजारा बेगम ने पीड़ित परिवार से मिलकर सर्वाधिक सहयोग दिया ।
गौर तलब है कि शनिवार रात करीब सवा आठ बजे मोहल्ला वहीदुल्ला गंज में प्रदीप रस्तोगी के यहां रह रही उनकी वहन अंजू लता उर्फ रेनू रस्तोगी के घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग जाने से पूरे घर का सामान जलकर खाक हो गया था । अग्निकांड के दौरान रेनू बेटे के साथ मंदिर गई हुई थीं। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था । पीड़ित परिवार ने फायर ब्रिगेड को करीब 20 लाख रुपए के समस्त घरेलू सामान का नुकसान बताया था ।
अग्निकांड के बाद से परिवार को मेडिकल स्वामी श्याम रस्तोगी ने अपने घर में शरण दी है । रविवार को पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने पीड़ित परिवार से मिलकर पांच हजार रुपए का सहयोग दिया । जबकि विधायक सलोना कुशवाहा ने मौके पर जाकर परिवार को सांत्वना देते हुए सात हजार रुपए की मदद की । इसी क्रम में सपा अल्पसंख्यक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनवर उल्ला खान , उपेंद्र सिंह , सौरभ सिंह गांधी ने भी राशन , विस्तर व अन्य सामान के अलावा धनराशि देकर सहयोग किया ।
सोमवार को तहसीलदार अजहर अंसारी लेखपाल विनोद कुमार के साथ मौके पर पहुंचे । और स्थिति का जायजा लेते हुए सरकारी मदद का भरोसा दिलाया ।
दोपहर करीब 12 बजे चेयरपर्सन हाजरा बेगम पालिका अधीनस्थों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं । उन्होंने इस दुख में ढाढस बंधाते हुए सर्वाधिक 20 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग प्रदान किया ।
अग्नि कांड में तबाह हुए परिवार को श्याम रस्तोगी ने अपने घर में शरण दी ।
रेनू रस्तोगी के पति का देहांत हो चुका है । बेटी की शादी के बाद वह दो बेटों के साथ भाई के मकान में रह रही थीं । जो अग्निकांड में तबाह हो चुका है । उनके पास रहने के लिए निजी घरौंदा नहीं है । ऐसे भीषण दुख में लोग उनके यहां पहुंचकर ढाढस बंधा रहे हैं । लेकिन अभी तक पीड़ित परिवार को कोई सरकारी राहत नहीं मिल सकी है ।