सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत भू-जल संरक्षण पर विचार गोष्ठी का आयोजन![]()
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर, आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने की अपील
जल को खर्च तो कर सकते हैं, किंतु बना नहीं सकते:- उप निदेशक कृषि
टेन न्यूज ।। 25 सितम्बर 2026 ।। प्रभाष चन्द्र ब्यूरो
कन्नौज। जिलाधिकारी श्री आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गिरते भू-जल स्तर के संरक्षण एवं जल संचयन को लेकर विकास भवन स्थित हर्षवर्धन सभागार में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता उपायुक्त एनआरएलएम श्री राज कुमार लोधी ने की।
कार्यक्रम में अधिकारियों, प्रगतिशील कृषकों, कृषि सखियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने जल संरक्षण की चुनौतियों और प्रभावी उपायों पर विचार साझा किए। उपायुक्त एनआरएलएम श्री राज कुमार लोधी ने कहा कि जल संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। सभी विभाग, ग्राम पंचायतें, किसान एवं आमजन मिलकर प्रयास करें, तभी भविष्य के लिए जल सुरक्षित रखा जा सकेगा।
उप निदेशक कृषि ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पानी को खर्च तो किया जा सकता है, किंतु उसे बनाया नहीं जा सकता। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जल के संरक्षण एवं भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए सभी को गंभीरता से प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में देश, प्रदेश के साथ ही जनपद में वर्षा की भारी गिरावट देखने को मिली है। जनपद के विकासखंड छिबरामऊ में 5.87 मीटर, तालग्राम में 3.91 मीटर, सौरिख में 10.09 मीटर, उमर्दा में 1.32 मीटर, हसेरन में 4.95 मीटर, कन्नौज में 3.19 मीटर, जलालाबाद में 0.99 मीटर तथा गुगरापुर में 0.66 मीटर भूजल स्तर में गिरावट दर्ज हुई ।
वहीं पिछले 10 वर्षों की तुलना में औसत वार्षिक वर्षा में लगभग 30 प्रतिशत अधिक वर्षा होना सकारात्मक एवं राहत की बात है।
श्री संतोष ने कहा कि जल जीवन का आधार है और इसकी प्रत्येक बूंद को संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में जल की खपत अधिक होने के कारण किसानों को टपक एवं बौछारी सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना चाहिए। इनसे लगभग 30 से 70 प्रतिशत तक जल की बचत संभव है। लेजर लैंड लेवलर से खेतों के समतलीकरण द्वारा भी सिंचाई जल की खपत कम की जा सकती है। इस दौरान पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि जनपद के अधिकांश विकासखंडों में भू-जल स्तर में लगभग एक मीटर प्रतिवर्ष की गिरावट चिंता का विषय है। इसके दृष्टिगत वर्षा जल संचयन, खेत तालाब, मेड़बंदी, चेकडैम एवं भू-जल रिचार्ज जैसे कार्यों को बढ़ावा देना आवश्यक है।
उप वन क्षेत्राधिकारी श्री राज कुमार सिंह ने अधिक से अधिक पौधरोपण एवं पौधों के संरक्षण पर जोर दिया। भूमि संरक्षण अधिकारी श्री कौशल किशोर ने खेत तालाब एवं मेड़बंदी सहित जल संरक्षण कार्यों की जानकारी दी। प्रगतिशील कृषकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए जल के विवेकपूर्ण उपयोग और फसलों में अनावश्यक सिंचाई से बचने की अपील की।
कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों सहित प्रगतिशील कृषक, कृषि सखियां एवं लगभग 150 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।