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जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं मुख्य विकास अधिकारी ने सयुंक्त रुप से कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिवसीय किसान आलू गोष्ठी/प्रदर्शनी का शुभारम्भ फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया

ByTen News One Desk

Sep 19, 2024
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जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं मुख्य विकास अधिकारी ने सयुंक्त रुप से कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिवसीय किसान आलू गोष्ठी/प्रदर्शनी का शुभारम्भ फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया



टेन न्यूज़ !! १९ सितम्बर २०२४ !! प्रभाष चन्द्र ब्यूरो, कन्नौज


जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं पार्टी जिलाध्यक्ष श्री वीर सिंह भदौरिया तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री राम कृपाल चौधरी ने सयुंक्त रुप से कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिवसीय किसान आलू गोष्ठी/प्रदर्शनी का शुभारम्भ फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आज ही के दिन जिले की स्थापना हुई थी। स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय किसान आलू गोष्ठी का आयोजन किया गया। जनपद कन्नौज इत्र, अगरबत्ती, आलू आदि से विख्यात है।

यह जनपद बहुत आगे तक जाये, इसके लिये हम लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। जो लेेस्टेट टेक्नाॅलाजी है, वैज्ञानिको द्वारा दी जाने वाली जानकारी को गहनता से सुने और अपने उत्पाद में बढोत्तरी करें। कहा कि उत्पाद बढ़ाना चाहते है तो हमे वैज्ञानिक ढंग से खेती करनी होगी।

अब वैज्ञानिक ढंग से खेती करने का समय है। कहा कि खेती में बहुत ज्यादा फर्टिलाइजर डालना उपयोगी नही है। बहुत अधिक फर्टिलाइजर का उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता में कमी आती है। सही मात्रा के विषय में वैज्ञानिकों से जानकारी प्राप्त करें।

श्री शुक्ल नेे कहा कि आलू के अच्छे उत्पाद हेतु वैज्ञानिकों एवं किसानों के मध्य वार्ता होना आवश्यक है, जिसको ध्यान में रखते हुये गोष्ठी का आयोजन कराया गया है। जिससे किसान आलू की बुआई के लिये खेत की तैयारी, बीज का चुनाव, शोधन और बुआई की विधि, आलू की सिचाई, फसल को रोगों से बचाव, हार्वेस्टिंग की विधि एवं स्टोरेज के संबंध मे जानकारी हेतु वैज्ञानिको और किसानों का सीधे सम्पर्क कराया गया है।

उन्होने कहा कि कोई भी युवा/किसान तकनीकी खेती करना चाहता है, तो संबंधित विभाग को अवगत कराये, हम उसकी मदद करेंगे। ऐसे युवाओं को तकनीकी खेती करने हेतु ट्रेंनिक करायी जायेगी। कहा कि सरकारी प्रयास इस लिये किये जा रहे हैं ताकि किसानो की आय दोगुनी हो सके। कम लागत से अत्यधिक आलू उत्पाद हो, ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं। कहा कि किसान भाई आलू की खेती के साथ सूरजमुखी की खेती पर भी विचार करें। पूर्व में सूरजमुखी की खेती बड़ी मात्रा में की जाती थी।

मुख्य विकास अधिकारी ने श्री रामकृपाल चौधरी एंव जिलाध्यक्ष भाजपा श्री वीर सिंह भदौरिया ने कृषकों से अपील करते हुये कहा कि उच्च गुणवत्ता की आलू एवं मक्का का उत्पादन करने के लिय वैज्ञानिकों द्वारा बतायी गई तकनीक अपनाकर अधिक से अधिक लाभ उठाये।

गोष्ठी में कृषि विज्ञान केन्द्र अनौगी के कृषि वैज्ञानिक डा0 अमर सिंह ने शकरकन्द एंव अदरक की उन्नतशील खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं कृषि वैज्ञानिक डा0 सुशील कुमार ने कहा कि मक्का की बुबाई का कार्य हर हाल में 25 फरवरी तक पूर्ण करे। विलम्भ की दशा में तापमान अधिक हो जाने के कारण भुट्टों में दाने की कमी हो जाती है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम संचालक डा0 अरविन्द कुमार ने मक्के की खेती में जलवायु के प्रवाह पर विस्तृत जानकारी दी।

इसी कडी में केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम् मेरठ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 अशोक कुमार ने आलू की व्यवसायक प्रजातियों की खेती के बारे में बताते हुये आलू की खेती में सूक्ष्म सिचाई प्रणाली, ड्रिप स्प्रिंकलर सिचाई के महत्व व लाभ पर विस्तार से चर्चा की। डा0 विश्वनाथ ने टिसूकल्चर विधि से आलू उत्पादन के बारे में बताया।

तत्पश्चात जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं पार्टी जिलाध्यक्ष ने संयुक्त रुप से विभिन्न स्टाॅलो का निरीक्षण किया। जिसमें आलू किस्म के बीज, ड्रोन के माध्यम से नैनो डीएपी एवं कीट नाशक दवाओ का छिड़काव, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान के्रडिट कार्ड, हरी खाद, ट्रैक्टर, स्प्रिंकल सिंचाई यंत्र आदि स्टाॅलों से विस्तृत जानकारी ली गयी।

गोष्ठी में डीडी कृषि श्री प्रमोद सिरोही, जिला कृषि अधिकारी श्री आवेश कुमार सिंह, जिला उद्यान अधिकारी श्री सी0पी0 अवस्थी आदि उपस्थित रहे।

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