ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में मिसाल: डॉ. ऋचा अग्रवाल को ‘सेवा रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित
टेन न्यूज ii 26 अप्रैल 2026 ii रुपेश शर्मा ब्यूरो
अलवर/राजस्थान
राजस्थान के अलवर की निवासी और ब्रह्म प्रकाश फाउंडेशन की न्यासी डॉ. ऋचा अग्रवाल को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘सेवा रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नई दिल्ली स्थित ताज पैलेस होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया गया, जहां उन्हें वरिष्ठ अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी ने सम्मानित किया।
समारोह में एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी सहित सशस्त्र बलों के अधिकारी, पुलिस अधिकारी, प्रख्यात चिकित्सक और बॉलीवुड जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में डॉ. ऋचा के ग्रामीण और वंचित समुदायों के लिए किए जा रहे निस्वार्थ कार्यों की सराहना की गई।
टेलीमेडिसिन से बदल रही ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था
डॉ. ऋचा अग्रवाल अलवर स्थित ब्रह्म प्रकाश व्हील्स टेलीमेडिसिन सेंटर की प्रमुख हैं, जहां दूरदराज के गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उनकी पहल से न केवल राजस्थान बल्कि दिल्ली के वंचित इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को काफी हद तक दूर किया जा रहा है।
वे हर महीने निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करती हैं, जिनमें एलोपैथी और होम्योपैथी दोनों प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। खास बात यह है कि कई मरीजों को अमेरिका के विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी परामर्श मिलता है, जिससे उन्हें बिना किसी आर्थिक बोझ के उच्चस्तरीय इलाज मिल पाता है।
देश-विदेश में सराहा गया कार्य
डॉ. ऋचा के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा जयाप्रदा, कैलाश खेर, राणा दग्गुबाती, सुधा चंद्रन, राजपाल यादव और दलेर मेहंदी सहित कई प्रसिद्ध हस्तियों ने की है।
सम्मान के दौरान क्या बोलीं हेमा मालिनी
सम्मान प्रदान करते हुए हेमा मालिनी ने कहा,
“ग्रामीण स्वास्थ्य के प्रति डॉ. ऋचा का समर्पण सेवा और करुणा का प्रतीक है। उनका कार्य राष्ट्र के प्रति सच्ची सेवा का उदाहरण है।”
डॉ. ऋचा का संदेश
इस उपलब्धि पर डॉ. ऋचा अग्रवाल ने कहा,
“यह सम्मान हमें सुदूर क्षेत्रों तक सुलभ स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के हमारे मिशन को और मजबूती देता है। हम वंचितों की सेवा के लिए नवाचार और समर्पण के साथ काम करते रहेंगे।”
ग्रामीण भारत के लिए प्रेरणा
‘सेवा रत्न पुरस्कार’ डॉ. ऋचा अग्रवाल की उस अग्रणी भूमिका को दर्शाता है, जिसके माध्यम से उन्होंने टेलीमेडिसिन और सामुदायिक स्वास्थ्य शिविरों के जरिए हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उनका यह प्रयास ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की नई उम्मीद बनकर उभरा है।
