पूर्व एमएलसी और उनके भाइयों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

टेन न्यूज़ !! ०४ जुलाई २०२६ !! ब्यूरो चीफ रामजी पोरवाल
औरैया। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता एवं पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पुराने मुकदमों में वंचित होने के कारण आगरा जेल में बंद कमलेश पाठक सहित उनके भाइयों पर कानपुर देहात के रसूलाबाद कोतवाली में धोखाधड़ी का एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें जोत गांव निवासी एक व्यक्ति ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर पूर्व एमएलसी समेत संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक, देवेंद्र पाठक, पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
रसूलाबाद कोतवाली में दर्ज मुकदमे के आधार पर क्षेत्र के जोत गांव निवासी अवधेश कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया है कि सजावरपुर परसौरा निवासी गोवर्धन चौबे उसके पिता राम शंकर के मामा थे। नि:संतान होने के कारण उन्होंने अपने भांजे राम शंकर के नाम 14 जुलाई 1981 को चल अचल संपत्ति की वसीयत कर दी थी। इसमें सजावारपुर स्थित गाटा संख्या 29, 304, 309, 27, 28, 312, 33 पर अंकित जमीन भी शामिल है। गोवर्धन चौबे की मृत्यु के बाद उसके पिता के नाम जमीन व मकान का दाखिल खारिज हो गया था।
लेकिन उस जमीन पर पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की नियत खराब थी, भड़ारीपुर औरैया निवासी पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, राम पाठक, ललित पाठक व देवेंद्र पाठक ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपने आप को गोवर्धन का सगा भांजा बताकर जमीन अपने नाम करा ली। इसके साथ ही पत्रावली से अभिलेख गायब करा दिए थे। उस समय की गई शिकायतों के बाद भी इन लोगों के रसूख के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। औरैया में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व उनके भाइयों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई होने पर विवादित जमीन कुर्क हो गई थी।
इसके बाद आवेश कुमार ने प्रकरण को फिर से जीवित कर दिया। और जमीन पर अपना दावा करते हुए पूर्व एमएलसी सहित उनके भाइयों पर कूट रचित तरीके से दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर रसूलाबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर रसूलाबाद शिव नारायण सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।