उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उमर्दा में की आलू विकास योजनाओं की समीक्षा, किसानों से किया सीधा संवाद![]()
टेन न्यूज ।। 19 अक्टूबर 2026 ।। प्रभाष चन्द्र ब्यूरो
कन्नौज। आलू उत्पादक किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और भंडारण लागत कम करने के उद्देश्य से उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल, उमर्दा में आलू विकास योजनाओं की मंडलीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने किसानों और शीतगृह स्वामियों से सीधा संवाद कर समस्याएं सुनीं और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में मंत्री ने बताया कि आलू भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना के तहत पात्र किसानों को ₹1 प्रति किलोग्राम की दर से सहायता दी जा रही है। वहीं, भामाशाह भाव स्थिरता योजना के अंतर्गत ₹1,000 प्रति क्विंटल अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर क्षेत्र में 200 क्विंटल आलू उत्पादन के मानक के आधार पर भंडारण प्रभार पर अधिकतम ₹20,000 तक अनुदान की व्यवस्था के लिए पोर्टल पर संशोधन किया गया है।![]()
बैठक में किसानों ने आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने, लीज पर भूमि लेकर खेती करने वालों तथा परिवार के दूसरे सदस्य के नाम जमीन होने पर अनुदान प्राप्त करने में आने वाली समस्याएं उठाईं। कन्नौज के किसान मुकेश कटियार ने जनपद में आलू प्रसंस्करण इकाई स्थापित कराने का सुझाव दिया, जिससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत पात्र आलू प्रसंस्करण परियोजनाओं पर 35 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने किसानों के सुझावों के आधार पर आगामी वित्तीय वर्ष में पोर्टल की तकनीकी एवं प्रक्रियागत कमियां दूर करने का प्रयास करने की बात कही।
इसके बाद मंत्री ने हाईटेक नर्सरी का निरीक्षण किया और गुणवत्तापूर्ण सब्जी पौध की उपलब्धता बढ़ाने तथा आधुनिक तकनीक का लाभ अधिकाधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में कानपुर, आगरा, फर्रुखाबाद, इटावा और कन्नौज के उद्यान विभाग के अधिकारी तथा प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।