83 निर्माण परियोजनाओं पर सीडीओ कन्नौज हुए सख्त, सात कार्यों की होगी स्थलीय जांच![]()
अधूरे और बाधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की चेतावनी
टेन न्यूज ।। 07 अक्टूबर 2026 ।। प्रभाष चन्द्र ब्यूरो
कन्नौज। जनपद में संचालित निर्माण एवं विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने को लेकर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में उनकी अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद की 83 निर्माण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अनारंभ, बाधित और प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परियोजना के निर्माण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारी लगातार निगरानी करें।
बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमर्दा सहित सात महत्वपूर्ण परियोजनाओं की टीम गठित कर स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने कहा कि जांच टीम मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति, गुणवत्ता, स्वीकृत मानकों के अनुरूप हो रहे कार्य और परियोजना में आ रही बाधाओं का बारीकी से परीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मॉडल कंपोजिट विद्यालय की प्रगति पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की कुल लागत 24.67 करोड़ रुपये है और वर्तमान भौतिक प्रगति 38 प्रतिशत दर्ज की गई है। सीडीओ ने निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर परियोजना को समय से पूरा कराया जाए।
इंजीनियरिंग कॉलेज की लैब अक्टूबर में पूरी कराने के निर्देश
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कन्नौज में सिविल इंजीनियरिंग लैब के उच्चीकरण कार्य की भी समीक्षा हुई। 4.44 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की वर्तमान भौतिक प्रगति 73 प्रतिशत है। मुख्य विकास अधिकारी ने शेष कार्य में तेजी लाते हुए इसे अक्टूबर माह में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने को कहा।
लंबित परियोजनाओं पर भी अधिकारियों से मांगी प्रगति
सीडीओ ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सौरिख, छिबरामऊ एवं कन्नौज, राजकीय औद्योगिक चिकित्सालय, बाल संग्रहालय सहित अन्य लंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में कार्य चल रहा है, उन्हें उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। लंबित परियोजनाओं में संबंधित विभाग तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पेयजल और जल निकासी के कार्यों में तेजी के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड तथा उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिकारियों को पेयजल और जल निकासी से संबंधित परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाधित कार्यों को तत्काल गति प्रदान करने को कहा। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सड़क और संपर्क मार्गों के निर्माण पर भी जोर
प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क और संपर्क मार्गों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने कहा कि जहां कार्य प्रगति पर हैं, वहां शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए। निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति केवल कागजी अभिलेखों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारी नियमित रूप से मौके पर पहुंचकर कार्य की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करें। निर्धारित मानकों में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा, जिला विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा जायसवाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम उजागिर कन्नौजिया सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।