कन्नौज: लमाया हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप, डॉ. शशांक राव ने वीडियो जारी कर आरोपों को बताया निराधार![]()
टेन न्यूज ii 18 जून 2026 ii डेस्क न्यूज़
कन्नौज। जनपद कन्नौज में एक निजी अस्पताल को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। पाल चौराहा स्थित लमाया हॉस्पिटल पर गलत मेडिकल रिपोर्ट देने, आर्थिक शोषण करने और मरीज की जान से खिलवाड़ करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार का आरोप है कि उनके पिता के उपचार के दौरान अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी की जांच कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट अस्पताल द्वारा निगेटिव बताई गई। परिवार का कहना है कि लाखों रुपये इलाज और महंगी दवाइयों पर खर्च करने के बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ।
पीड़ित परिवार के अनुसार, बाद में हैलट अस्पताल कानपुर, एसजीपीजीआई लखनऊ और जिला चिकित्सालय कन्नौज में कराई गई जांच में मरीज हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव पाया गया। आरोप है कि अस्पताल द्वारा गलत रिपोर्ट दिए जाने के कारण मरीज को समय पर सही इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई।
शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि इलाज के नाम पर अत्यधिक धनराशि वसूली गई और विरोध करने पर धमकी दी गई। पीड़ित ने अस्पताल, संबंधित चिकित्सक और लैब संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, अस्पताल के पंजीकरण की जांच कराने तथा क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आर्थिक, मानसिक और शारीरिक क्षति की भरपाई की मांग भी की गई है।
वहीं, मामले में नया मोड़ तब आया जब लमाया हॉस्पिटल के डॉ. शशांक राव ने वीडियो जारी कर सभी आरोपों का खंडन किया। डॉ. राव ने आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया।
डॉ. शशांक राव का कहना है कि शिकायतकर्ता के पिता ने उनके अस्पताल में इलाज कराने से पहले अन्य अस्पतालों में भी उपचार कराया था। उनका यह भी आरोप है कि मरीज की बीमारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य परिवार द्वारा छिपाए गए।
उन्होंने कहा कि इलाज पर खर्च हुई राशि को शिकायत पत्र में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है, जबकि वास्तविक खर्च काफी कम है और उसके सभी बिल अस्पताल के पास सुरक्षित हैं। शिकायतकर्ता द्वारा हॉस्पिटल पर लगाए जा रहे आरोप वेबुनियाद हैं केवल बदनाम करने की मंशा जाहिर होती है। अगर पीड़ित को पैसे के बारे में कुछ उतार चढ़ाव लग रहा है तो वह बिलों से मिलान कर सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है।