तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का हंगामा,भ्रष्टाचार के आरोपों पर जमकर नारेबाजी

टेन न्यूज़ !! १३ मई २०२६ !! ब्यूरो चीफ रामजी पोरवाल
औरैया। तहसील परिसर में सोमवार को राजस्व अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन और राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार,सुविधा शुल्क और न्यायिक कार्यों में लापरवाही के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। अपनी मांगों को लेकर अधिवक्ता तहसील मैं पनप रहे भ्रष्टाचार के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए, जब कि औरैया सदर तहसील में तीन दिनों से अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी है, जिसको लेकर तहसील अध्यक्ष शेषनारायण सक्सेना ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कोई भी एकपक्षीय निर्णय लेने पर आपत्ति जताई है,
राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन तहसील औरैया के बैनर तले हुए प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील परिसर में बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं हो रहा है। धारा 116 के मुकदमों में समय से दाखिला नहीं किया जाता और खतौनी में अंकन के नाम पर कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि रिकॉर्ड रूम नियमित रूप से नहीं खोला जाता, जिससे मुकदमों की पैरवी प्रभावित हो रही है। कुछ लेखपालों पर फोन कर वादकारियों से सुविधा शुल्क मांगने के आरोप भी लगाए गए।
अधिवक्ताओं का कहना था कि राजस्व न्यायालयों में बिना पैसे के आदेश पारित नहीं किए जा रहे, जिससे आम जनता को न्याय पाने में कठिनाई हो रही है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में जानबूझकर मुकदमों में पूरा दाखिल नहीं किया जाता और बाद में अदम पैरवी या साक्ष्य के अभाव का हवाला देकर प्रकरण खारिज कर दिए जाते हैं। शांति भंग के मामलों में जमानत के नाम पर कथित वसूली का मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान तहसील परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही। प्रदर्शन में हरि भानु अवस्थी, धर्मवीर त्रिपाठी, विनय सक्सेना, राजू पांडे, दुली चंद्रगुप्त, शीलू अग्निहोत्री, देवेंद्र दुबे, ओंकार नाथ चतुर्वेदी,नितिन सक्सेना, शुभम शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।