वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में फाइलेरिया उन्मूलन पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
एमडीए अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेषज्ञों ने दिया जोर
टेन न्यूज़ ii 08 फरवरी 2026 ii डेस्क न्यूज़, शाहजहांपुर वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज एवं रोहिलखंड हॉस्पिटल में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष जन-जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता ने की, जबकि कॉलेज के डीन एवं प्राचार्य डॉ. रविन्द्र नाथ शुक्ला (कर्नल) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. इन्तेखाब आलम, डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. पूरा, डॉ. आदित्य प्रकाश, डॉ. विनायक एच. कश्यप एवं डॉ. अतुल सक्सेना सहित समस्त पीजी एवं ट्यूटर उपस्थित रहे।
बाहरी अतिथियों में श्री राजीव मौर्य (जिला मलेरिया अधिकारी), डॉ. राहुल (जोनल कोऑर्डिनेटर, WHO), श्रीमती अनीता सिंह (डिविजनल ऑफिसर, PCI इंडिया – NTD) तथा श्री योगेश शर्मा (डिस्ट्रिक्ट मोबिलाइजेशन कोऑर्डिनेटर, UNICEF) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा पैरामेडिकल, फार्मा एवं फॉरेंसिक साइंसेज़ विभाग के फैकल्टी सदस्य, एमबीबीएस छात्र एवं इंटर्न्स भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
डीन डॉ. रविन्द्र नाथ शुक्ला ने अपने संबोधन में फाइलेरिया के प्रति जन-जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए सामूहिक औषधि सेवन कार्यक्रम (MDA) में सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बताया।
विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता ने बताया कि फाइलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाला रोग है और इसके नियंत्रण के लिए मच्छर नियंत्रण एवं समय पर दवा सेवन बेहद जरूरी है।
डॉ. राहुल (WHO) ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तकनीकी एवं चिकित्सीय पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने रोग की पहचान, उपचार, रोकथाम तथा राष्ट्रीय कार्यक्रम की रणनीतियों पर प्रकाश डाला।
अनीता सिंह ने बताया कि फाइलेरिया हाइड्रोसील जैसी स्थायी विकलांगता का कारण बन सकता है। उन्होंने 10 फरवरी से शुरू होने वाले एमडीए अभियान के दौरान सभी लोगों से दवा सेवन की अपील की। योगेश शर्मा (UNICEF) ने भी जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान क्वालिटी मैनेजर श्रीमती शिवानी गुप्ता, वाइस प्रिंसिपल (पैरामेडिकल) श्रीमती नेहा गुप्ता एवं फॉरेंसिक साइंसेज़ फैकल्टी सुनोबिया के मार्गदर्शन में नागेन्द्र सिंह के सहयोग से फार्मेसी और पैरामेडिकल छात्रों ने फाइलेरिया विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से रोग के लक्षण, बचाव के उपाय और सामूहिक औषधि सेवन के महत्व को सरल ढंग से समझाया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। यह हाथ-पैरों में सूजन, हाथीपांव एवं हाइड्रोसील जैसी दीर्घकालिक समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। समय पर जांच, मच्छर नियंत्रण और जन-जागरूकता के जरिए फाइलेरिया मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।






