बढ़ती फीस व ड्रेस परिवर्तन पर सख्ती, नियमों का पालन करें विद्यालय: डीएम कन्नौज

टेन न्यूज़ !!१६ अप्रैल २०२६ !! लोकेशन: कन्नौज, उत्तर प्रदेश
कन्नौज। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में विद्यालयों में शुल्क, ड्रेस एवं पाठ्यपुस्तकों के निर्धारण संबंधी बैठक में स्पष्ट कहा कि विद्यालय समाज में अपने अच्छे कार्यों से पहचाने जाते हैं। अभिभावकों द्वारा बढ़ती फीस, ड्रेस और पुस्तकों को लेकर की जा रही शिकायतें चिंताजनक हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी छात्र को पुस्तकें, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। विद्यालयों के आसपास पान-मसाला और गुटखा की दुकानें न हों। साथ ही, लगातार पांच शैक्षणिक वर्षों से पूर्व विद्यालय पोशाक में परिवर्तन न किया जाए। यदि परिवर्तन आवश्यक हो तो उसका प्रस्ताव जिला या मंडलीय शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
डीएम ने कहा कि सभी स्ववित्त पोषित विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2018 की धारा 4(1) व (2) के तहत अपनी शुल्क संरचना निर्धारित करें। मान्यता प्राप्त कक्षाओं के अतिरिक्त संचालन या बिना मान्यता विद्यालय चलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे और फायर सेफ्टी सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाने पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं से जुड़े मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश भी दिए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी इज्या तिवारी ने UPISVM.COM पोर्टल पर शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग, शपथ-पत्र अपलोडिंग तथा 24 मानकों के अनुरूप स्कूली वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित करने को कहा।
जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की कॉपीराइटाधीन पुस्तकों की पाइरेसी रोकते हुए सत्र 2026-27 में केवल एनसीईआरटी/परिषद की अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाए। गाइड या संदर्भ पुस्तकों की खरीद के लिए छात्रों पर दबाव न बनाया जाए। अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से पुस्तक विक्रय शिविर या पुस्तक मेले आयोजित किए जाएं।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।