श्रावण मास के दृष्टिगत सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित करें: डीएम![]()
डीएम व एसपी ने पटना देवकली स्थित दैत्य गुरु शुक्राचार्य की तपोभूमि एवं कांवड़ यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण
टेन न्यूज ii 01 अगस्त 2026 ii डेस्क न्यूज,
शाहजहांपुर। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत प्रसिद्ध शिव मंदिर पटना देवकली स्थित दैत्य गुरु शुक्राचार्य की तपोभूमि का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मंदिर में विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना भी की ।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा एवं शिवालयों में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जनपद प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
मंदिर परिसर में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मुख्य पुजारी अखिलेश गिरी से वार्ता कर मेले की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, सुरक्षा प्रबंध तथा मंदिर संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग एवं भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पटना देवकली स्थित दैत्य गुरु शुक्राचार्य की तपोभूमि पर सावन के प्रथम सोमवार सहित पूरे श्रावण मास में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित एवं प्रभावी होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और किसी प्रकार का जाम न लगे।
इसके उपरांत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कांवड़ यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखें। किसी भी प्रकार की समस्या अथवा आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभाव से उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी पूर्ण समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
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