तीन साल से खुद को जिंदा साबित करने भटक रही वृद्धा, विभाग ने बताया मृत

समाज कल्याण विभाग की लापरवाही से बंद हुई वृद्धावस्था पेंशन, अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर 70 वर्षीय महिला
टेन न्यूज ii 01 अगस्त 2026 ii रामजी पोरवाल ब्यूरो
औरैया। विकासखंड अजीतमल क्षेत्र की ग्राम पंचायत रतनपुर गढ़िया के मजरा लाल का पुरवा निवासी 70 वर्षीय सावित्री देवी पत्नी हरबंस लाल पिछले तीन वर्षों से खुद को जीवित साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। आरोप है कि समाज कल्याण विभाग ने 3 जुलाई 2023 को उन्हें रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी।
सावित्री देवी का कहना है कि वह कई बार जिलाधिकारी कार्यालय, संपूर्ण समाधान दिवस और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर खुद के जीवित होने के प्रमाण प्रस्तुत कर चुकी हैं, लेकिन अब तक उनकी पेंशन बहाल नहीं की गई। विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें लगातार मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड की इस बड़ी चूक ने एक जीवित महिला को वर्षों तक अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि तीन साल बीत जाने के बाद भी रिकॉर्ड में सुधार नहीं हो सका।
पीड़िता ने शासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें तत्काल रिकॉर्ड में जीवित दर्ज कर उनकी वृद्धावस्था पेंशन बहाल की जाए तथा मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।