कैम्ब्रिज कॉन्वेंट स्कूल में प्राकृतिक कृषि कार्यशाला में बड़े गोवंश पालकों को किया गया सम्मानित
टेन न्यूज़ !! २० जुलाई २०२५ !! डीपी सिंह डेस्क@शाहजहांपुर
पुवायां स्थित कैम्ब्रिज कॉन्वेंट स्कूल में प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण/कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री बृजेन्द्र पाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर क्षेत्र के 500 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बहराइच से आए लोकभारती के सह संयोजक व प्राकृतिक कृषक श्री मगन बिहारी एवं श्री अनिरुद्ध यादव ने किसानों को बीजामृत बनाने की विधि समझाई।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र के प्रमुख गोपालकों को सम्मानित किया। भैंसी नदी के संरक्षण में योगदान देने वाले लोकभारती के कर्मयोगियों व गोपालकों – स्कूल संचालक संजीव मेहरोत्रा, जेवाँ के सगीर, अगौना के सोबरन व जेवाँ निवासी अवनीश को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि पुवायां क्षेत्र की 70 ग्राम पंचायतों में लोकभारती के सहयोग से ऐसे किसानों को तैयार किया जाएगा जो रासायनिक खादों का प्रयोग छोड़कर प्राकृतिक खेती करें और देशी गायों के पालन में संलग्न हों। साथ ही, सिमरा वीरान गोशाला को गो-अभ्यारण्य में विकसित करने के प्रस्ताव पर कार्य आरंभ किया जा रहा है।
भैंसी नदी की भांति, बरसात के बाद भद्रशीला नदी के पुनर्जीवन पर भी कार्य किया जाएगा। सभी सरकारी गोशालाओं में लोक भारती संस्था के माध्यम से जीवामृत निर्माण किया जा रहा है। 250 एकड़ में चारे की बुआई की जा चुकी है, जिसे बढ़ाकर 500 एकड़ तक विस्तारित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि जब वे जनपद में आए थे तब 6 वृहद गोशालाएं संचालित थीं, अब 10 गोशालाएं सक्रिय हैं और 10 नई गोशालाएं निर्माणाधीन हैं। इन 20 गोशालाओं में लगभग 10,000 गायों को संरक्षित किया जाएगा। मनरेगा योजना के तहत 100 अन्य गौशालाएं भी संचालित की जा रही हैं।
जिन लोगों ने सहभागिता के आधार पर गायें लीं और बाद में उन्हें छोड़ दिया, उनसे वसूली की जाएगी। साथ ही, 2 नए गो-अभ्यारण्य स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए भूमि का चिह्नीकरण कर लिया गया है।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि भविष्य में पुवायां में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप 100-200 देशी गायें पुरस्कार के रूप में दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की एक प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में 57 लाख वृक्षों का रोपण किया गया है। इनके संरक्षण के लिए 200 अधिकारी हर महीने की 9 तारीख को निरीक्षण करेंगे। 18 जुलाई को सहजन वन की स्थापना की गई जिसमें 25,000 सहजन वृक्षों का रोपण किया गया है। साथ ही, बजरंग वन की स्थापना हेतु दो स्थलों का चयन किया गया है, जिस पर कार्य शीघ्र आरंभ होगा।
इस दौरान विधायक बरखेड़ा स्वामी प्रवक्तानंद, गोरक्षपीठ से जुड़े योगी हनुमंतनाथ, सह सचिव कुँवर नीरज सिंह, संजय उपाध्याय, विजय पाठक, बलवीर सिंह, श्यामनारायण, एवं कार्यक्रम अध्यक्ष सरदार सतेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन नीरज सिंह एवं संजय उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती करने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी ने लोकभारती द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और उन्हें हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।







