जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान, वर्षा जल संचयन ही भविष्य की जल सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम : मुख्य विकास अधिकारी

टेन न्यूज़ !! २३ जुलाई २०२६ !! प्रभाष चन्द्र ब्यूरो, कन्नौज
मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास की अध्यक्षता में विकास भवन हर्षवर्धन सभागार में वर्षा जल संचयन सप्ताह के समापन अवसर पर जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा वर्षा जल संचयन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि 16 जुलाई से 22 जुलाई तक आयोजित वर्षा जल संचयन सप्ताह के अंतर्गत ग्राम पंचायत, विकास खंड एवं जनपद मुख्यालय स्तर पर गोष्ठियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में तीन नदियाँ होने के बावजूद भू-जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। उन्होंने बताया कि विकास खंड छिबरामऊ में वर्ष 2021 में भू-जल स्तर 15.19 मीटर था, जो वर्तमान में घटकर 21.06 मीटर तक पहुँच गया है। इसी प्रकार हसेरन, कन्नौज, जलालाबाद, तालग्राम एवं सौरिख क्षेत्रों में भी भू-जल स्तर में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक रणनीति बनाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने, सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का उपयोग करने तथा जल की बचत करने वाली फसलों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के तालाबों में वर्षा के समय अतिरिक्त जल के संरक्षण हेतु प्रभावी जल निकासी एवं पुनर्भरण (रीचार्ज) व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि “यदि हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना है तो जल संरक्षण के साथ-साथ अधिकाधिक वृक्षारोपण भी करना होगा।”
उपनिदेशक कृषि श्री संतोष कुमार ने कहा कि भविष्य में जल संकट से बचने के लिए वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी के साथ अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों से श्री अन्न एवं कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, जिससे भू-जल दोहन कम हो और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।
कार्यशाला के समापन पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक रहने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने की जल संरक्षण शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी श्री हेमंत सेठ, प्रभारी जिला विकास अधिकारी श्री राजकुमार लोधी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे