• Sat. Sep 26th, 2026

Ten News One

Short Breaking News All Trending Topic Hindi

EWS प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन होंगे जारी, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से घर बैठे आवेदन की सुविधा, तहसील के चक्कर से मिलेगी राहत

ByTen News One Desk

Sep 26, 2026
3 Views

EWS प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन होंगे जारी, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से घर बैठे आवेदन की सुविधा, तहसील के चक्कर से मिलेगी राहत


टेन न्यूज ।। 26 सितम्बर 2026 ।। डीपी सिंह, डेस्क न्यूज

लखनऊ/शाहजहांपुर। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लोगों को उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। राजस्व परिषद ने इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी है। इस सुविधा का शुभारंभ 11 सितंबर 2026 से किया गया है।

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से EWS प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से आम लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अनावश्यक रूप से तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

अब तक आय, जाति, निवास और हैसियत प्रमाण पत्र ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बनाए जा रहे थे, जबकि EWS के लिए आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र ऑफलाइन प्रक्रिया से तहसीलदार स्तर से जारी होते थे। नई व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया गया है।

ऐसे कर सकेंगे आवेदन

ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शिखर दीक्षित ने बताया कि आवेदक edistrict.up.nic.in पोर्टल के माध्यम से जनसेवा केंद्र से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा eSuvidha पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कर लॉगिन के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन संबंधित तहसील के तहसीलदार के पोर्टल पर पहुंचेगा। इसके बाद तहसीलदार आवेदन को जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के पोर्टल पर भेजेंगे। लेखपाल जांच के बाद स्वीकृति या अस्वीकृति की रिपोर्ट तहसीलदार के पोर्टल पर भेजेंगे। इसके बाद तहसीलदार डिजिटल हस्ताक्षर कर प्रमाण पत्र को आवेदक अथवा जनसेवा केंद्र संचालक के पोर्टल पर उपलब्ध कराएंगे।

EWS वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण

सरकार की नीतियों के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से आच्छादित नहीं होने वाले उत्तर प्रदेश के मूल निवासी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को सरकारी सेवाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।

राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सक्षम अधिकारियों और तहसीलदारों के माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू कराना सुनिश्चित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!