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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सरकार की निष्क्रियता पर सवाल: गोपाल राय ने जताई गहरी चिंता

By Ten News One Desk

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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सरकार की निष्क्रियता पर सवाल: गोपाल राय ने जताई गहरी चिंता



टेन न्यूज़, नई दिल्ली, 20 अक्तूबर 2025।


दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राष्ट्रीय राजधानी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार की निष्क्रियता पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का वायु प्रदूषण स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

राय ने बताया कि दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 282 तक पहुंच गया है, जबकि आनंद विहार सहित 12 इलाकों में AQI 400 से ऊपर जाकर ‘गंभीर श्रेणी’ में दर्ज किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दीपावली के बाद स्थिति और भी खराब हो सकती है।

आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सक्रियता नहीं दिखा रही। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 15 दिन की देरी से विंटर एक्शन प्लान जारी किया, जो जल्दबाजी में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट्स के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनी है और सरकार को तत्काल धूल तथा वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

राय ने बताया कि उनकी टीम पिछले दो साल से क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम वर्षा) के प्रयास कर रही थी, जिसके लिए आईआईटी कानपुर ने एक पायलट प्रोजेक्ट भी तैयार किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि अगर अनुमति मिल जाती, तो दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते थे।

गोपाल राय ने कहा कि “राजनीतिक विद्वेष के कारण दिल्ली की जनता को स्वच्छ हवा से वंचित किया जा रहा है। केवल बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा, इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।”

पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली में चार इंजन की सरकार होने के बावजूद शहर की व्यवस्थाएँ चरमराई हुई हैं। “अगर किसी फ्लैट में आग लगने के बाद दमकल गाड़ियाँ समय पर नहीं पहुँचतीं, तो यह गंभीर मुद्दा है और जवाबदेही तय की जानी चाहिए,” उन्होंने कहा।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सरकार की निष्क्रियता पर सवाल: गोपाल राय ने जताई गहरी चिंता

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टेन न्यूज़, नई दिल्ली, 20 अक्तूबर 2025।


दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राष्ट्रीय राजधानी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार की निष्क्रियता पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का वायु प्रदूषण स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

राय ने बताया कि दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 282 तक पहुंच गया है, जबकि आनंद विहार सहित 12 इलाकों में AQI 400 से ऊपर जाकर ‘गंभीर श्रेणी’ में दर्ज किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दीपावली के बाद स्थिति और भी खराब हो सकती है।

आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सक्रियता नहीं दिखा रही। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 15 दिन की देरी से विंटर एक्शन प्लान जारी किया, जो जल्दबाजी में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट्स के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनी है और सरकार को तत्काल धूल तथा वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

राय ने बताया कि उनकी टीम पिछले दो साल से क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम वर्षा) के प्रयास कर रही थी, जिसके लिए आईआईटी कानपुर ने एक पायलट प्रोजेक्ट भी तैयार किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि अगर अनुमति मिल जाती, तो दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते थे।

गोपाल राय ने कहा कि “राजनीतिक विद्वेष के कारण दिल्ली की जनता को स्वच्छ हवा से वंचित किया जा रहा है। केवल बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा, इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।”

पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली में चार इंजन की सरकार होने के बावजूद शहर की व्यवस्थाएँ चरमराई हुई हैं। “अगर किसी फ्लैट में आग लगने के बाद दमकल गाड़ियाँ समय पर नहीं पहुँचतीं, तो यह गंभीर मुद्दा है और जवाबदेही तय की जानी चाहिए,” उन्होंने कहा।

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