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भटपुरा में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन व्यास संकेत शुक्ल रामायणी ने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया

By Ten News One Desk

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भटपुरा में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन व्यास संकेत शुक्ल रामायणी ने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया



टेन न्यूज़ !! २४ जून २०२४ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर


तिलहर थाना क्षेत्र के  गांव भटपुरा में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन व्यास संकेत शुक्ल रामायणी ने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया।

व्यास ने बताया कि माता सीता के स्वयंवर में राजा जनक ने प्रण लिया कि जो कोई धनुष की प्रत्यंचा को चढ़ा देगा, उसी के साथ बेटी का विवाह करेंगे, लेकिन कोई भी धनुष नहीं उठा सका, तब राजा जनक ने निराश होकर कहा कि सभी अपने घर जाओ शायद ब्रह्माजी ने सीता का विवाह लिखा ही नहीं है।

इस दौरान विश्वामित्र ने भगवान राम को आदेश किया कि वह धनुष को उठाकर जनक का संताप दूर करें। राम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाकर राजा जनक का प्रण पूरा किया।

पुजारी राजेंद्र सिंह, सोमवती, दुर्वेश सिंह, हरवीर सिंह, चंदन सिंह, वीरेंद्र सिंह, विकास सिंह, सत्यदेव पाल, वीरेंद्र पाल मौजूद रहे

भटपुरा में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन व्यास संकेत शुक्ल रामायणी ने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया

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टेन न्यूज़ !! २४ जून २०२४ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर


तिलहर थाना क्षेत्र के  गांव भटपुरा में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन व्यास संकेत शुक्ल रामायणी ने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया।

व्यास ने बताया कि माता सीता के स्वयंवर में राजा जनक ने प्रण लिया कि जो कोई धनुष की प्रत्यंचा को चढ़ा देगा, उसी के साथ बेटी का विवाह करेंगे, लेकिन कोई भी धनुष नहीं उठा सका, तब राजा जनक ने निराश होकर कहा कि सभी अपने घर जाओ शायद ब्रह्माजी ने सीता का विवाह लिखा ही नहीं है।

इस दौरान विश्वामित्र ने भगवान राम को आदेश किया कि वह धनुष को उठाकर जनक का संताप दूर करें। राम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाकर राजा जनक का प्रण पूरा किया।

पुजारी राजेंद्र सिंह, सोमवती, दुर्वेश सिंह, हरवीर सिंह, चंदन सिंह, वीरेंद्र सिंह, विकास सिंह, सत्यदेव पाल, वीरेंद्र पाल मौजूद रहे

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