बच्चों के खाद्य उत्पाद, नूडल्स निर्माण कंपनी के उत्पाद को लेकर गुणवत्ता संबंधी उठे सवाल, जांच की मांग

Ten News!! 05 June 2026!! Desk News जिला नर्मदापुरम, इटारसी, MP
इटारसी। शहर में संचालित एक नूडल्स निर्माण कंपनी के उत्पाद को लेकर गुणवत्ता संबंधी सवाल खड़े हो गए हैं। एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि बच्चों के लिए बनाए जाने वाले नूडल्स के पैकेट को खोलने पर उसमें से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई।
जानकारी के अनुसार उपभोक्ता ने स्थानीय बाजार से बच्चों के उपयोग के लिए नूडल्स का एक पैकेट खरीदा था। जब पैकेट खोला गया तो उसमें से असामान्य बदबू आने लगी। इसके बाद उपभोक्ता ने उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की शिकायत संबंधित कंपनी तक पहुंचाई। उपभोक्ता का कहना है कि बच्चों द्वारा उपयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में इस प्रकार की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
बताया गया कि संबंधित पैकेट पर निर्माण तिथि 10 मई 2026 तथा उपयोग की अंतिम तिथि 26 अगस्त 2026 अंकित थी। यानी उत्पाद की वैधता अवधि अभी समाप्त नहीं हुई थी। इसके बावजूद पैकेट से दुर्गंध आने की शिकायत ने उपभोक्ताओं के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में कंपनी संचालक का कहना है कि उनकी कंपनी निर्धारित गुणवत्ता मानकों और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए उत्पादों का निर्माण करती है। कंपनी का दावा है कि उत्पादन प्रक्रिया में गुणवत्ता नियंत्रण के सभी आवश्यक मानकों का ध्यान रखा जाता है और किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है।
उधर स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित उत्पाद का नमूना लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि जांच में गुणवत्ता संबंधी कोई कमी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि उत्पाद पूरी तरह मानकों के अनुरूप पाया जाता है तो इससे उपभोक्ताओं के बीच फैली आशंकाएं भी दूर हो सकेंगी।
नागरिकों ने यह भी मांग की है कि बच्चों द्वारा उपयोग किए जाने वाले खाद्य उत्पादों की नियमित जांच की जाए और बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों के नमूने समय-समय पर परीक्षण के लिए भेजे जाएं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फिलहाल मामले को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उपभोक्ताओं को अब जांच और विभागीय कार्रवाई का इंतजार है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सके।