जिलाधिकारी ने गंगा एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती ग्रामों में गौशालाओं हेतु भूमि की उपलब्धता हेतु समीक्षा बैठक सम्पन्न

टेन न्यूज़ !! २५ अगस्त २०२६ !! डीपी सिंह डेस्क न्यूज़, शाहजहांपुर
जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज गंगा एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती ग्रामों में गौशालाओं की स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी तिलहर, उप जिलाधिकारी जलालाबाद, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, संबंधित लेखपाल संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती ग्रामों में गौशालाओं की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता की ग्रामवार समीक्षा की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं लेखपालों को उपलब्ध भूमि का सत्यापन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान ग्राम गड़िया रंगीन में 25 एकड़ भूमि उपलब्ध पाई गई, जिस पर गौशाला का निर्माण कराए जाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। वहीं ग्राम बामियान में 3 हेक्टेयर भूमि गौशाला के लिए उपलब्ध पाई गई। जिलाधिकारी ने उक्त भूमि पर अस्थायी गौशाला का निर्माण कराए जाने तथा उसमें 100 से अधिक गोवंश रखे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बामियान में प्रस्तावित गौशाला में न्यूनतम तीन शेड बनाए जाएं। शेड निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
इसी क्रम में ग्राम शंकरपुर पिडराई में 4.5 हेक्टेयर चरागाह भूमि उपलब्ध पाई गई, जिस पर गौशाला के लिए दो शेड बनाए जाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।
सिकंदरपुर अफगान में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भूमि का चिन्हांकन एवं जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उपलब्ध भूमि की जांच कराई जाए तथा श्रेणी-3 एवं श्रेणी-4 में आने वाली भूमि को नियमानुसार खारिज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लेखपालों के साथ समन्वय कर भूमि का चिन्हांकन एवं जांच कराएं तथा श्रेणी-3 एवं श्रेणी-4 में आने वाली सभी भूमि को नियमानुसार खारिज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कल सदर तहसील एवं जलालाबाद तहसील की पुनः बैठक आयोजित कर भूमि की उपलब्धता एवं गौशालाओं के निर्माण से संबंधित प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के निर्माण एवं संचालन के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी प्राथमिकता के आधार पर की जाए, ताकि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
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