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“मुकेरियां में बढ़ते सड़क हादसों पर मानवाधिकार महासंघ की चिंता, स्पीड लिमिट और स्पीड ब्रेकर की मांग”

ByTen News One Desk

Jun 7, 2026
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“मुकेरियां में बढ़ते सड़क हादसों पर मानवाधिकार महासंघ की चिंता, स्पीड लिमिट और स्पीड ब्रेकर की मांग”


टेन न्यूज ii 07 जून 2026 ii नरेश शर्मा ब्यूरो

मुकेरियां/पंजाब। मुकेरियां क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर को जोड़ने वाले मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने की बात कहते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मुकेरियां हाई-वे और शहर से जुड़े मुख्य मार्गों पर आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन लोगों के लिए दहशत का कारण बनते जा रहे हैं।

संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि मुकेरियां शहर की सीमा शुरू होने से पहले बड़े और स्पष्ट स्पीड लिमिट संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर सकें। साथ ही मुख्य चौराहों, स्कूलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की भी मांग की गई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विकास कार्यों के साथ नागरिकों की सुरक्षा को भी प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल किया जाना चाहिए। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। संगठन ने वाहन चालकों से भी यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की।

महासंघ ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का सर्वे कर वहां चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क सुरक्षा संबंधी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

“दुर्घटना से देर भली, जीवन अनमोल है — रफ्तार पर नियंत्रण ही सुरक्षित भविष्य की पहचान है।”

— अमीर शर्मा, प्रदेश सचिव/मीडिया प्रभारी, भारतीय मानवाधिकार महासंघ

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