“विकास के दावों की खुली पोल! रानी पिपरिया में कीचड़, गंदगी और बदहाल सड़कें”![]()
टेन न्यूज़ ii 07 जून 2026 i| रिपोर्ट: विकास सियारिया ब्यूरो, नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश
नरसिंहपुर। जिले की ग्राम पंचायत रानी पिपरिया में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावों और जमीनी हकीकत के बीच भारी अंतर देखने को मिल रहा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सवालों के घेरे में है। जगह-जगह जलभराव, कीचड़, गंदगी और बदहाल सड़कों ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर विकास के दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं।![]()
गांव की कई सड़कों पर पानी जमा होने से कीचड़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे गांव में बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
नालियों का नियमित रखरखाव न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। कई स्थानों पर नालियां जाम पड़ी हैं, जिससे गंदगी फैल रही है और दुर्गंध के कारण लोगों का रहना दूभर हो गया है। वहीं गांव में कई जगह कूड़ा-कचरा जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा विकास और साफ-सफाई को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में गांव की स्थिति बदहाल बनी हुई है और प्रशासन मौन सादे बैठा हैं । लोगों में पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि शासन द्वारा सड़क निर्माण, नाली निर्माण और स्वच्छता कार्यों के लिए पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग आखिर किस प्रकार किया जा रहा है, यह एक बड़ा सवाल है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत रानी पिपरिया का मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और सड़क, नाली व सफाई संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि इस खबर के प्रकाशन के बाद पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी गांव की समस्याओं पर कितना गंभीर रुख अपनाते हैं और ग्रामीणों को कब तक मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल पाता है।