भरत तिवारी मौत मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

टेन न्यूज़ !! २४ जून २०२६ !! प्रभाष चन्द्र ब्यूरो
कन्नौज। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (आर.ए.एम.) उत्तर प्रदेश ने बिहार में भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन की ओर से राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी जगदीश सिंह दीक्षित के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि भरत तिवारी आत्मसमर्पण अथवा पुलिस हिरासत जैसी स्थिति में थे, तो उनकी मृत्यु संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार तथा विधि के शासन के मूल सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है। ऐसे में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराना आवश्यक है।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने अपनी मांगों में कहा है कि भरत तिवारी की मृत्यु से जुड़े पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक घटना में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में मुठभेड़ को अवैध अथवा फर्जी पाया जाता है, तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक तथ्यों का पता चल सकेगा तथा आम जनता का कानून एवं न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।
इस दौरान राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने भी मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया। ज्ञापन सौंपने के अवसर पर युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हर्ष कुमार चतुर्वेदी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
टेन न्यूज़ कन्नौज के लिए प्रभाष चंद्र की विशेष रिपोर्ट।