मां गोमती पुनरुद्धार अभियान के तहत 18 हजार पौधे लगाए जाएंगे, जिलाधिकारी ने तैयारियों की समीक्षा की

टेन न्यूज़ !! ०७ जुलाई २०२६ !! रिपोर्ट: रामचंद्र सक्सेना, जिला ब्यूरो चीफ, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश।
पीलीभीत में मां गोमती पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों एवं कार्ययोजना की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गांधी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अभियान के सफल क्रियान्वयन, पौधों के चयन, रोपण स्थलों तथा उनके संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जिला समन्वयक (मनरेगा) ने जानकारी दी कि गोमती नदी के 47 किलोमीटर लंबे तटवर्ती क्षेत्र में लगभग 18 हजार पौधे लगाए जाने का प्रस्ताव है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नदी के दोनों किनारों पर स्थानीय जलवायु के अनुरूप एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधों का वैज्ञानिक ढंग से रोपण कराया जाए।
उन्होंने पीपल, पाकड़, बरगद, आंवला, जामुन, अर्जुन, अमलतास, कचनार, नीम, सहजन, बांस, गुलमोहर, छितवन तथा अन्य उपयोगी प्रजातियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि मां गोमती प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहर है। इसके संरक्षण एवं पुनरुद्धार में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण, जल संरक्षण और हरित भविष्य का संकल्प है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधारोपण कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। साथ ही लगाए गए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी अधिकतम जीवितता बनी रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि गोमती नदी के किनारों को हरित, जैव विविधता से समृद्ध और पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ क्षेत्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही मां गोमती पुनरुद्धार अभियान को स्थायी सफलता मिल सकेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला समन्वयक (मनरेगा), उप जिलाधिकारी पूरनपुर, उप जिलाधिकारी कलीनगर, जिला पंचायत राज अधिकारी, उद्योगपति, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।