शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल छात्र से मारपीट का आरोप, छात्रों ने लगाए नारे, निष्पक्ष जांच की मांग![]()
टेन न्यूज ii 31 मई 2026 ii नीरज शर्मा, लोकेशन: शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
शाहजहांपुर के राजकीय ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल छात्र के साथ कथित मारपीट, धमकी और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद छात्रों में आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने नारेबाजी कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बी.ओ.टी. (डिप्लोमा) प्रथम वर्ष के छात्र अभिजीत यादव पुत्र धीरज पाल सिंह ने कॉलेज प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि 29 मई 2025 की रात करीब 10 बजे वह जिला अस्पताल शाहजहांपुर के ट्रॉमा सेंटर स्थित माइनर ओटी में ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान पुष्पेंद्र नामक वार्ड बॉय, डॉ. राममिलावन और एक अन्य व्यक्ति कथित रूप से नशे की हालत में वहां पहुंचे। बताया गया कि पुष्पेंद्र के घुटने में चोट लगी थी, जिसकी ड्रेसिंग की जा रही थी।
शिकायती पत्र के अनुसार, ड्यूटी पर मौजूद ओटी टेक्नीशियन को लेकर सामान्य बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि छात्र के साथ गाली-गलौज की गई। विरोध करने पर वार्ड बॉय द्वारा कथित रूप से मारपीट की गई और छात्र को माइनर ओटी से बाहर भेज दिया गया।
छात्र का आरोप है कि उसने डायल-112 पर सूचना देने का प्रयास किया और परिजनों को घटना की जानकारी दी। आरोप है कि इसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर से बाहर एक सुनसान स्थान पर ले जाकर दोबारा मारपीट की गई। बाद में छात्र के परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मामला शांत हुआ। घटना की सूचना पर डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची और लिखित तहरीर ली गई।
छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल चौकी पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उस पर दबाव बनाया गया और समझौता कराने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटना से उसके मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
छात्र ने कॉलेज प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज और डायल-112 कॉल रिकॉर्ड की जांच, आरोपितों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई तथा दबाव में कराए गए समझौते को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मियों को संवेदनशील ड्यूटी से हटाने की भी मांग उठाई गई है।
फिलहाल मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।