रायबरेली: मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा अवैध क्लिनिक, वीडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

टेन न्यूज़ !! २९ मई २०२६ !! रिपोर्ट वसीम खान ब्यूरो, लोकेशन रायबरेली
रायबरेली।
जनपद के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक मेडिकल स्टोर की आड़ में न सिर्फ अवैध रूप से क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है, बल्कि मानकों को ताक पर रखकर मरीजों की जान जोखिम में डाली जा रही है। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लकड़ी की बेंच पर इलाज, राम भरोसे मरीज
पूरा मामला गुरबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे तुलसी मजरे अटौरा बुजुर्ग का है। यहाँ संचालित एक मेडिकल स्टोर के पास सिर्फ दवा बेचने का लाइसेंस है, लेकिन इसकी आड़ में यहाँ बाकायदा अवैध क्लिनिक चलाया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि क्लिनिक के अंदर कोई बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं या बेड तक नहीं हैं। मरीजों को लकड़ी की साधारण बेंच पर लिटाकर गंभीर इलाज और ड्रिप (बोतल) चढ़ाने का काम किया जा रहा है।
खुद कर्मचारी ने वीडियो बनाकर खोली पोल
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे काले कारोबार का भंडाफोड़ किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद उसी मेडिकल स्टोर में काम करने वाले एक युवक ने किया है। युवक ने अंदर की बदहाली और नियमों की धज्जियां उड़ते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई है।
सीएमओ और ड्रग इंस्पेक्टर की अनदेखी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और ड्रग इंस्पेक्टर की घोर अनदेखी के कारण ही क्षेत्र में ऐसे अवैध क्लिनिक फल-फूल रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की इस ढुलमुल कार्यशैली और औचक निरीक्षण न किए जाने के चलते मरीजों की जान पर हर वक्त खतरा मंडरा रहता है।
बड़ा सवाल: आखिर लाइसेंस मेडिकल स्टोर का होने के बावजूद वहाँ क्लिनिक चलाने की छूट कैसे मिली हुई है? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागेंगे?
अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने और मामला मीडिया में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग इस अवैध क्लिनिक संचालक के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करता है।
टेन न्यूज के लिए रायबरेली से ब्यूरो वसीम खान की रिपोर्ट