केमिकल के पैसे रोके जाने से शुद्ध पेयजल आपूर्ति व्यवस्था संकट में : प्रेस वार्ता में पी.एच.ई. कर्मचारी परिषद का आरोप

जलमित्रों के साथ धोखा बंद किया जाए : हरेंद्र चंद्र नाथ
Ten News !! 04 June 2026 !! प्रशांत बैश्य (असम)
असम के सोनितपुर जिले के अंतर्गत ढेकियाजुली राजस्व चक्र क्षेत्र के वोटपारा में आज अखिल असम पी.एच.ई. (लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) अस्थायी श्रमिक कर्मचारी परिषद की ओर से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में संगठन ने शुद्ध पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या उठाते हुए ग्राम पंचायतों पर केमिकल खरीद के लिए सरकार द्वारा प्रदान की गई राशि जारी नहीं करने का आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता में उपस्थित अखिल असम पी.एच.ई. अस्थायी श्रमिक कर्मचारी परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष तथा ढेकियाजुली आंचलिक समिति के अध्यक्ष हरेंद्र चंद्र नाथ, बाबुल नाथ देव तथा अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार शुद्ध पेयजल तैयार करने के लिए प्रत्येक योजना के लिए प्रति माह 500 रुपये की राशि केमिकल खरीद हेतु उपलब्ध कराती है। यह राशि संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में जमा होती है, लेकिन कई मामलों में जलमित्रों तथा योजना संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारियों को यह धनराशि जारी नहीं की गई है।
संगठन के अनुसार, जल शुद्धिकरण के लिए आवश्यक केमिकल समय पर खरीद नहीं पाने के कारण कई स्थानों पर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। संगठन ने कहा कि सरकार ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से धन उपलब्ध कराया है, लेकिन यदि पंचायतें यह राशि जारी नहीं करती हैं तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि ग्राम पंचायतें जल्द से जल्द जलमित्रों की बकाया राशि जारी करने की व्यवस्था करें। अन्यथा शुद्ध पेयजल आपूर्ति व्यवस्था चरमरा सकती है और लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
संगठन ने सरकार और संबंधित विभाग से भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की अपील की। प्रेस वार्ता में संगठन ने कहा कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति जैसे जनहित से जुड़े विषयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और जनता के हित में आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाने चाहिए।
प्रशांत बैश्य